हर रोज प्यार को थोड़ा थोड़ा बढ़ाती जाओ और धीरे-धीरे मेरे करीब आती जाओ एक दूसरे के बगैर हम रह ना सके जुड़ जाएं कुछ इस तरह से कोई हम दोनों को अलग कर ना सके
उनसे हमारे रिश्ते कई बार टूटे और जुड़े थे आखिरी बार दिल कुछ ऐसे टूटा फिर जुड़ ना सका प्यार इधर भी है और उधर भी है ना हम सताने जाते हैं और ना वह मनाने आते हैं हम अब दिल ही दिल में पछताते हैं बस यही हाल अब उनका है
हम अपना सब कुछ लुटा चुके हैं उनकी मोहब्बत में मेरे पास जो भी था सब कुछ दे चुका हूं अगर उन्होंने मुझे धोखा दिया तो मैं बर्बाद हो जाऊंगा बस दुआ करो कि उनकी मोहब्बत मुझे मिल जाए
जबसे उन्होंने धोखा दिया जिंदगी बेजान सी हो चुकी है काश मौका होता कि मैं लौट जाता जैसे मैं बिन मोहब्बत के था तनहाइयां चारों तरफ से दिमाग पर जोर देती है जिंदगी आजकल परेशान सी हो चुकी है